मंत्री रामविचार नेताम का विस्फोटक बयान..बैंक से लोन लेक…दारू में उडाया..मुर्गा खाया..मजा उड़ाया..बताओ..सरकार क्यों माफ करे कर्ज…

महिलाओं ने मंत्री नेताम का रास्ता रोका...फिर नेता जी ने दिया विस्फोटक बयान

कोरबा—अपने बयान से चर्चा और विस्फोट करने वाले विष्णुदेव साय के कद्दावर नंत्री राम विचार ने एक बार फिर सायनायड वाला बयान दिया है। कोरबा में एक कार्यक्रम के दौरान महिलाओं के घेराव और बैंक लोन माफी की मांग पर  रामविचार नेताम ने कहा..बैंक ने बुलाकर लोन नहीं दिया। बार बार लोन लेकर सब लोग मजा उड़ाये..दारू पिया..महुआ खाया..अब कहते हैं कर्च नहीं देंगे। बताओ सरकार क्यों कर्ज माफ करे।इनता सुनते ही महिलाओं ने जमकर हंगामा किया। बवाल होता देख रामविचार नेताम मौके से भागना ही उचित समझा

विष्णुदेव साय सरकार के पंचायत मंत्री रामविचार नेताम कोरबा में वनवासी कार्यक्रम के दौरान विस्फोटक बयान दिया है। मौका था जब मंत्री रामपुर स्थित वनवासी आश्रम में शिरकत होने के बाद रवाना हो रहे ते। इसी दौरान सैकड़ों महिलाएं फ्लोरा मैक्स कंपनी के खिलाफ शिकायत लेकर पहुंची। महिलाओं ने कहा कि हमारे नाम से लोन लेकर फ्लोरा कम्पनी भाग गयी है। बैंक ने आदेश दिया है कि  हमसे लोन वसूली होगी। इस दौरान नेताम ने महिलाओं को समझाने का प्रयास किया। साथ ही स्थानीय विधायक और उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन भी मौजूद थे।

   भारी संख्या में मौजूद महिलाओं ने मंत्री का रास्ता रोक लिया। सड़क पर बैठकर विरोध जाहिर किया। साथ ही कर्ज माफ करने की बात कही। नेताम ने कहा कि जिस कंपनी ने आपके नाम पर पैसा लिया है, उस पर कार्रवाई की जा रही है। कंपनी मालिक जेल में हैं। मालिक से वसूली कर पैसा वापस दिया जाएगा। आरोपियों की जमीन कुर्की होगी। रास्ता रोकर नाटक करने की जरूरत नहीं है। आंदोलन  करने से कुछ होने जाने वाला भी नहीं है। इतना सुनते ही प्रदर्शन कर रही महिलाएं भड़क गयीं। महिलाओं ने लखनलाल देवांगन और कलेक्टर की मौजूदगी में मंत्री रामविचार नेताम के साथ तुर्की ब तुर्की संवाद किया। इसके बाद मंत्री नाराज हो गये। उन्होने  महिलाओं से कहा कि लोन हमसे पूछकर नहीं लिया है। जब लो ले रहे थे.. तब मजा आ रहा था। लोन के पैसों से  दारू पिया और मुर्गा खाया। पैसा उड़ा दिया। बताओं सरकार क्यों कर्ज माफ करे।इतना सुनते ही महिलाओं ने जमकर हंगामा शुरू कर दिया। मौके पर मौजूद अधिकारियों ने किसी तरह रास्ता साफ कराया। इसके बाद मंत्री रामविचार नेताम रवाना हुए।

इसके पहले रास्ता रोककर सड़क पर बैठी महिलाओं से मंत्री ने नेता का नाम पूछा। महिलाओं ने बताया कि उनका कोई नेता नहीं है। मंत्री नेताम ने कहा कि नियम कानून अपने हाथ में लेने का प्रयास ना करें। झल्लाते हुए उन्होने कहा कि क्या हमारे अधिकारियों ने नोट दिलाए थे। बड़ों बड़ों का कर्ज माफ नहीं होता है। भला तुम लोगों का कर्ज क्यों माफ होगा। जब सरकार ने कर्ज नहीं दिया है.. तो माफ कैसे करेगी।

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Bhaskar Mishra

पत्रकारिता के क्षेत्र में लगभग 16 साल का अनुभव।विभिन्न माध्यमों से पत्रकारिता के क्षेत्र मे काम करने का अवसर मिला।यह प्रयोग अब भी जारी है।वर्तमान में CGWALL में संपादकीय कार्य कर रहा हूं।

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